धूमधाम से मनाया गया करमा,उपवास व रात्रि पूजन के बाद विसर्जन से सम्पन्न हुआ पर्व।

विरेन्द्र कुमार

विंढमगंज सोनभद्र भाई-बहनों के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक करमा पर्व क्षेत्र में धरतीडोलवा,सलैयाडिह,बुटबेढवा,मुडिसेमर,हरनाकछार सहित दर्जनों गांव में मंगलवार को व्रत व रात्रि में पूजा कर श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर छोटी-बड़ी बहनों में विशेष उत्साह देखने को मिला। बहनें अपने भाइयों की सुख-समृद्धि, स्वस्थ जीवन और लंबी उम्र की कामना को लेकर मंगलवार को पूरे दिन उपवास रखकर रात्रि में पूजा करने के पश्चात आज पूजा की हुई समस्त सामग्री को नदी में विसर्जन करके समाप्त की। करमा पर्व समृद्ध लोक संस्कृति और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस पर्व में बहनें अपने भाइयों की सलामती और दीर्घायु के लिए विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं। शाम के समय विभिन्न स्थानों पर करम की डाली स्थापित कर सामूहिक रूप से पूजा किया गया। इसके बाद रात्रि में पारंपरिक गीत-संगीत के बीच करम देव की पूजा-अर्चना की गई तथा परंपरा के अनुसार करमा पर्व से जुड़ी कथा का श्रवण किया गया । पर्व के दौरान बहनों के चेहरे पर भाई के प्रति स्नेह और समर्पण साफ झलक रहा था। छोटी-छोटी बहनों में भी पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा गया। वहीं, भाई भी अपनी बहनों के प्रति प्रेम और उत्साह के साथ पर्व में शामिल रहे। करमा पर्व न केवल भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करता है, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे, प्रकृति के प्रति सम्मान और सामूहिकता की भावना को भी बढ़ावा देता है।

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